Rehabilitation of calf

इनकी मम्मी चार दिन पहले ट्रेन से कट गईं। यह अबोध बछिया उसी शव के इर्द गिर्द मंडराती रही। कल्याणी निवासी कोई संवेदनशील व्यक्ति बछिया को घर उठा लाया। घर पर रखने में जब उन्हें असहजता प्रतीत हुई तो वो इसे सुरक्षित जगह तक पहुंचाने की कोशिशों में लग गए। दुबई में रह रहे फेसबुक मित्र आमोद अवस्थी से इन लोगों ने संपर्क किया और आमोद ने जीव आश्रय से। परसों यह बछिया जीव आश्रय आ गई। यहां का माहौल उसके लिए नया है। वह रमने और हम उसे रमाने की कोशिश कर रहे हैं
जय जय भोले
जय सहयोगी
जय हनुमन्त जीव आश्रय

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